QS Asia Ranking 2027: टॉप 100 से बाहर हुई DU, जानिए भारत की टॉप 10 यूनिवर्सिटी

देश के विश्वविद्यालयों की अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। QS World University Rankings: Asia 2027 की नई सूची 3 नवंबर 2026 को जारी कर दी गई है। इस बार भारत के विश्वविद्यालयों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा है। एक तरफ भारत के 325 विश्वविद्यालयों को इस सूची में जगह मिली है, वहीं दूसरी तरफ कई प्रतिष्ठित संस्थानों की रैंकिंग में गिरावट दर्ज की गई है। सबसे ज्यादा चर्चा दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) की हो रही है। पिछले साल एशिया में 95वें स्थान पर रहने वाली दिल्ली यूनिवर्सिटी इस बार 106वें स्थान पर पहुंच गई है। इसके साथ ही DU एशिया की टॉप 100 यूनिवर्सिटी की सूची से बाहर हो गई है।
हालांकि, सभी भारतीय विश्वविद्यालयों का प्रदर्शन एक जैसा नहीं रहा। जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) और जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने अपनी रैंकिंग में सुधार किया है। वहीं IIT दिल्ली भारतीय संस्थानों में सबसे आगे बना हुआ है।

QS Asia University Rankings 2027 में भारत की स्थिति

अंतरराष्ट्रीय उच्च शिक्षा विश्लेषण संस्था Quacquarelli Symonds (QS) ने 3 नवंबर 2026 को एशिया की नई यूनिवर्सिटी रैंकिंग जारी की। इस संस्करण में एशिया के 26 देशों और शिक्षा प्रणालियों के कुल 1,722 विश्वविद्यालयों को शामिल किया गया है। इनमें 195 संस्थान पहली बार इस रैंकिंग में शामिल हुए हैं। भारत इस सूची में दूसरा सबसे अधिक प्रतिनिधित्व वाला देश बना हुआ है। भारत के कुल 325 विश्वविद्यालयों को रैंकिंग में जगह मिली है। इनमें 34 विश्वविद्यालय पहली बार शामिल हुए हैं। भारत से अधिक विश्वविद्यालय केवल चीन के हैं, जहां के 448 संस्थानों को सूची में स्थान मिला है। एक तरफ भारतीय विश्वविद्यालयों की संख्या बढ़ रही है, वहीं दूसरी तरफ पुराने संस्थानों के सामने एशियाई स्तर पर अपनी रैंकिंग बनाए रखने की चुनौती भी दिखाई दे रही है।

भारत की टॉप 10 यूनिवर्सिटी की रैंकिंग 2027

QS Asia University Rankings 2027 के अनुसार भारत के शीर्ष 10 विश्वविद्यालयों और संस्थानों की सूची नीचे दी गई है।

भारत में स्थान विश्वविद्यालय/संस्थान विश्वविद्यालय/संस्थान
1 IIT Delhi 66
2 IISc banglore 79
3 IIT Bombay 83
4 IIT Madras 85
5 IIT KGP 90
6 IIT Kanpur 97
7 Chandigarh University 104
8 University of Delhi (DU) 106
9 IIT Guwahati 120
10 IIT Roorkee 124

इस सूची में IIT दिल्ली ने भारतीय संस्थानों में पहला स्थान हासिल किया है। हालांकि, IIT दिल्ली की रैंकिंग में भी पिछले साल की तुलना में सात स्थान की गिरावट आई है। वर्ष 2026 में इसे एशिया में 59वीं रैंक मिली थी।
ध्यान देने वाली बात यह है कि भारत के शीर्ष छह संस्थानों की रैंकिंग में इस बार गिरावट दर्ज की गई है।

एशिया की टॉप 10 यूनिवर्सिटी

एशिया रैंक यूनिवर्सिटी का नाम देश
1 The University of Hong Kong China
2 Peking University China
3 Tsinghua University China
4 City University of Hong Kong China
5 The Chinese University of Hong Kong China
6 Fudan University China
6 National University of Singapore Singapore
8 Nanyang Technological University Singapore
9 The Hong Kong Polytechnic University China
9 The Hong Kong University of Science and Technology China

दिल्ली यूनिवर्सिटी टॉप 100 से बाहर, 11 स्थान नीचे आई रैंकिंग

इस बार की रैंकिंग में दिल्ली यूनिवर्सिटी का प्रदर्शन चर्चा का विषय बना हुआ है। QS Asia University Rankings 2027 में DU को 106वां स्थान मिला है। पिछले संस्करण में विश्वविद्यालय 95वें स्थान पर था। इस तरह इसकी रैंकिंग में 11 स्थान की गिरावट आई है। दिल्ली यूनिवर्सिटी देश के प्रतिष्ठित केंद्रीय विश्वविद्यालयों में शामिल है। यहां देश के अलग-अलग राज्यों से बड़ी संख्या में विद्यार्थी स्नातक, स्नातकोत्तर और शोध की पढ़ाई करने आते हैं। DU की इस गिरावट का मतलब यह है कि विश्वविद्यालय अब एशिया की शीर्ष 100 संस्थाओं की सूची में शामिल नहीं है। हालांकि, केवल रैंकिंग के आधार पर विश्वविद्यालय की पढ़ाई की गुणवत्ता के बारे में अंतिम निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा।

JNU और Jamia की रैंकिंग में हुआ सुधार

दिल्ली के अन्य प्रमुख केंद्रीय विश्वविद्यालयों के लिए इस बार की रैंकिंग कुछ राहत लेकर आई है। जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) ने अपनी स्थिति में सुधार किया है। पिछले साल JNU को एशिया में 130वीं रैंक मिली थी, जबकि इस बार यह 128वें स्थान पर पहुंच गई है। इसी तरह जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने भी बेहतर प्रदर्शन किया है। पिछले साल 197वें स्थान पर रहने वाली Jamia इस बार 183वें स्थान पर पहुंच गई है। यानी विश्वविद्यालय ने 14 स्थान का सुधार किया है। इस तरह जहां दिल्ली यूनिवर्सिटी की रैंकिंग नीचे गई है, वहीं JNU और Jamia ने अपनी स्थिति बेहतर की है।

किन भारतीय विश्वविद्यालयों की रैंकिंग में हुआ सुधार?

QS की नई सूची में कुछ भारतीय विश्वविद्यालयों ने अच्छा प्रदर्शन भी किया है। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी पिछले साल 109वें स्थान पर थी। इस बार यह 104वें स्थान पर पहुंच गई है। लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) ने भी उल्लेखनीय सुधार किया है। पिछले साल 187वें स्थान पर रहने वाली LPU इस बार 154वें स्थान पर पहुंच गई है। सिम्बायोसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी ने भी 200वें स्थान से 175वें स्थान तक का सफर तय किया है। इससे स्पष्ट है कि भारतीय संस्थानों के प्रदर्शन में एक समान बदलाव नहीं हुआ है। कुछ विश्वविद्यालयों ने सुधार किया है, जबकि कई की रैंकिंग नीचे गई है।

आखिर क्यों गिर रही है भारतीय विश्वविद्यालयों की रैंकिंग?

QS की रैंकिंग में विश्वविद्यालयों का मूल्यांकन कई अलग-अलग मानकों के आधार पर किया जाता है। इनमें केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि शोध, अंतरराष्ट्रीय पहचान और रोजगार से जुड़े पहलू भी शामिल होते हैं। प्रमुख मूल्यांकन मानकों में शामिल हैं:-

  • Academic Reputation: शिक्षाविदों के बीच विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा।
  • Employer Reputation: कंपनियों और नियोक्ताओं के बीच विश्वविद्यालय की पहचान।
  • Faculty-Student Ratio: शिक्षकों और विद्यार्थियों का अनुपात।
  • Research Impact: शोध पत्रों को मिलने वाले उद्धरण और उनका प्रभाव।
  • International Research Network: विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ शोध सहयोग।
  • International Students: विदेशी विद्यार्थियों की भागीदारी।
  • International Faculty: अंतरराष्ट्रीय शिक्षकों की भागीदारी।
  • Papers per Faculty: शिक्षकों की संख्या के अनुपात में प्रकाशित शोध पत्र।

QS की रिपोर्ट के अनुसार भारत का प्रदर्शन शोध पत्रों की संख्या के मामले में मजबूत है। एशिया के शीर्ष 50 संस्थानों में भारत के 27 विश्वविद्यालय Papers per Faculty के आधार पर शामिल हैं।
लेकिन शोध पत्रों के प्रभाव और अंतरराष्ट्रीय भागीदारी के मामले में अभी सुधार की जरूरत है। एशिया के शीर्ष 50 संस्थानों में भारत के केवल तीन विश्वविद्यालय Citations per Paper के मानक पर शामिल हैं।

क्या 71 प्रतिशत भारतीय विश्वविद्यालयों की रैंकिंग गिर गई?

इस बार QS की रैंकिंग से जुड़ा एक और आंकड़ा सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार, पहले से रैंकिंग में शामिल भारतीय विश्वविद्यालयों में लगभग 71 प्रतिशत की स्थिति नीचे गई है। वहीं 18 प्रतिशत विश्वविद्यालयों ने सुधार किया और 11 प्रतिशत ने अपनी स्थिति बनाए रखी। हालांकि, इस आंकड़े को समझना जरूरी है। इसका मतलब यह नहीं है कि भारत के 71 प्रतिशत विश्वविद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता खराब हो गई है। रैंकिंग में स्थान बदलने के पीछे दूसरे विश्वविद्यालयों का बेहतर प्रदर्शन, नए संस्थानों का शामिल होना और अलग-अलग मूल्यांकन मानक भी भूमिका निभाते हैं। Indian Express की रिपोर्ट में QS के वरिष्ठ उपाध्यक्ष Ben Sowter के हवाले से बताया गया है कि रैंकिंग में नीचे जाने वाले भारतीय विश्वविद्यालयों में से लगभग दो-तिहाई ने अपने कुल स्कोर में सुधार भी किया है। इसलिए किसी विश्वविद्यालय का स्थान नीचे जाना और उसके प्रदर्शन की गुणवत्ता घटना, दोनों को एक ही बात नहीं समझना चाहिए।

छात्रों के लिए इस रैंकिंग का क्या मतलब है?

विश्वविद्यालय में एडमिशन लेने की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए यह रैंकिंग उपयोगी जानकारी दे सकती है। इससे उन्हें अलग-अलग संस्थानों की अंतरराष्ट्रीय स्थिति और शैक्षणिक पहचान समझने में मदद मिलती है। लेकिन एडमिशन का फैसला केवल QS रैंकिंग देखकर नहीं करना चाहिए। विद्यार्थियों को अपने विषय की पढ़ाई, संबंधित विभाग के शिक्षकों, शोध सुविधाओं, प्लेसमेंट, फीस और कॉलेज के शैक्षणिक माहौल को भी ध्यान में रखना चाहिए। खासतौर पर DU, JNU और Jamia जैसे विश्वविद्यालयों में एडमिशन लेने वाले छात्रों को अपने पसंदीदा विषय और संबंधित विभाग की जानकारी जरूर देखनी चाहिए।

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विवरण लिंक
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निष्कर्ष

QS Asia University Rankings 2027 में भारत के 325 विश्वविद्यालयों को जगह मिलना देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था की बढ़ती भागीदारी को दिखाता है। लेकिन दिल्ली यूनिवर्सिटी का एशिया की टॉप 100 सूची से बाहर होना एक महत्वपूर्ण बदलाव है।
वहीं IIT दिल्ली भारतीय संस्थानों में पहले स्थान पर बना हुआ है। JNU और Jamia ने अपनी रैंकिंग में सुधार किया है।
अब भारतीय विश्वविद्यालयों के सामने चुनौती केवल अंतरराष्ट्रीय सूची में जगह बनाने की नहीं, बल्कि शोध के प्रभाव, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और शैक्षणिक प्रतिष्ठा को लगातार बेहतर करने की भी है।आधिकारिक जानकारी और पूरी रैंकिंग देखने के लिए:
https://www.topuniversities.com/asia-university-rankings

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. QS Asia University Rankings 2027 कब जारी हुई?

यह रैंकिंग 3 नवंबर 2026 को जारी की गई।

2 QS Asia Ranking 2027 में भारत की नंबर 1 यूनिवर्सिटी कौन-सी है?

IIT दिल्ली भारतीय संस्थानों में पहले स्थान पर है। इसकी एशियाई रैंक 66वीं है।

3. दिल्ली यूनिवर्सिटी की QS Asia Ranking 2027 कितनी है?

दिल्ली यूनिवर्सिटी को एशिया में 106वां स्थान मिला है। पिछले साल इसकी रैंक 95वीं थी।

4. क्या दिल्ली यूनिवर्सिटी एशिया की टॉप 100 यूनिवर्सिटी से बाहर हो गई है?

हां, नई रैंकिंग में DU 106वें स्थान पर है, इसलिए यह टॉप 100 से बाहर हो गई है।

5. JNU की QS Asia Ranking 2027 कितनी है?

JNU को एशिया में 128वीं रैंक मिली है। पिछले साल इसकी रैंक 130वीं थी।

6. Jamia Millia Islamia की रैंकिंग कितनी है?

Jamia Millia Islamia को 183वां स्थान मिला है। पिछले साल यह 197वें स्थान पर थी।

7. QS Asia Ranking 2027 में भारत के कितने विश्वविद्यालय शामिल हैं?

इस बार भारत के कुल 325 विश्वविद्यालयों को रैंकिंग में जगह मिली है, जिनमें 34 नए संस्थान शामिल हैं।

आप इस  के बारे में क्या सोचते है कॉमेंट बॉक्स में अपनी राय जरूर रखे फिलहाल के लिए इतना ही बहुत बहुत धन्यवाद।

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