प्रिय विद्यार्थियों, इस पोस्ट में वासवदत्ता कादम्बरी के बहुविकल्पीय प्रश्न Vasavdatta Kadambari MCQs Part 2 है। जो मुख्यतः दिल्ली विश्वविद्यालय के परास्नातक संस्कृत के तृतीय सत्र 3rd Sem से संबंधित है तथा संस्कृत की विविध प्रतियोगी परिक्षाओं NET JRF, TGT PGT तथा विश्वविद्यालय स्तरीय परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी है।
1. परवर्ती गद्यसाहित्य में पण्डिता क्षमाराव की रचना है –
क) तिलकमञ्जरी
ख) वेमभूपालचरित
ग) शिवराजविजय
घ) मुक्तावली
[answer]✅ सही उत्तर:- घ) मुक्तावली
1. धनपाल (1000 ई.) – तिलकमञ्जरी
2. वामन भट्टबाण (1500 ई.)- वेमभूपालचरित
3. अम्बिकादत्तव्यास (1858-1300) – शिवराजविजय
4. पंडिता क्षमाराव (1890-1954) -मुक्तावली[/answer]
2. कविकल्पित रचना होती है –
क) कथा
ख) चम्पू
ग) आख्यायिका
घ) महाकाव्य
[answer]✅ सही उत्तर:- क) कथा
“आख्यायिकोपलब्धार्था प्रबन्धकल्पना कथा“[/answer]
3. महाकवि मयूर सम्बन्धित है –
क) सुबन्धु से
ख) दण्डी से
ग) बाणभट्ट से
घ) शुद्रक से
[answer]✅ सही उत्तर:- ग) बाणभट्ट से
महाकवि मयूर, बाणभट्ट के श्वसुर (ससुर) थे, ऐसा कहा जाता है।[/answer]
4. अभिनवगुप्त द्वारा प्रतिपादित “सुबन्धु” की रचना है, जो वर्तमान में अनुपलब्ध है –
क) वासवदत्तानाट्यधारा
ख) स्वप्नवासवदत्ता
ग) हर्षचरित
घ) गीतिमञ्जरी
[answer]✅ सही उत्तर:- क) वासवदत्तानाट्यधारा[/answer]
5. कादम्बरी में कुबेर नामक ब्राह्मण किस कुल में उत्पन्न हुए थे ?
क) भारद्वाज
ख) वात्स्यायन
ग) कौत्स
घ) गार्ग्य
[answer]✅ सही उत्तर:- ख) वात्स्यायन
बभूव वात्स्यायनवंशसम्भवो द्विजो जगद्गीतगुणोऽग्रणीः सताम् ।
अनेकगुप्तार्चितपादपङ्कजः कुबेरनामांश इव स्वयम्भुवः ॥[/answer]
6. “धिया निबद्धेयमतिद्वयी कथा” में ‘अतिद्वयी कथा से किसका निर्देश है?
क) कादम्बरी, हर्षचरितम्
ख) वासवदत्ता, बृहत्कथा
ग) रघुवंशम्, कुमारसंभवम्
घ) शिशुपालवधम्, रामायण
[answer]✅ सही उत्तर:- ख) वासवदत्ता, बृहत्कथा
कादम्बरी पर भानुचन्द्रटीका – द्वयीं बृहत्कथा वासवदत्ता चातिक्रान्तेत्यर्थम् ।[/answer]
7. “प्रेताधिपनगरीव सदासन्निहितमृत्यु” इस गद्यांश में “प्रेताधिप” का तात्पर्य है –
क) शिव
ख) विष्णु
ग) वरुण
घ) यमराज
[answer]✅ सही उत्तर:- घ) यमराज[/answer]
8. “कर्णीसुतकथेव सन्निहीत विपुलाचला शशोपगता च” इसमें किसका विमर्श है?
क) शबरशैन्यवर्णन
ख) हारीतवर्णन
ग) विन्ध्याटवी वर्णन
घ) शुद्रक वर्णन
[answer]✅ सही उत्तर:- ग) विन्ध्याटवी वर्णन
कर्णीसुतकथा (चौर्य कला के प्रवर्तक) की कथा में विपुल और अचल नाम के मित्र साथ में रहते हैं और शश नाम का प्रधानमन्त्री है । (पक्ष में) जिसमें विपुल (विशाल) अचल (पर्वत) निकट है. और जो शशों (खरगोशों) से युक्त है।[/answer]
9. “अमृतमथनवेलेव श्रीद्रुमोपशोभिता वारुणी परिगता च” में वारुणी पद का अर्थ नहीं है –
क) पश्चिम दिशा
ख) वरुण की पत्नी
ग) मदिरा
घ) उत्तरदिशा
[answer]✅ सही उत्तर:- घ) उत्तरदिशा[/answer]
10. “क्रूरसत्त्वाऽपि मुनिजनसेविता” में अलङ्कार है-
क) विरोधाभास, श्लेष
ख) उपमा, श्लेष
ग) उपमा, विरोधाभास
घ) अनुप्रास, यमक
[answer]✅ सही उत्तर:-क) विरोधाभास, श्लेष[/answer]
11 .”जठरानलजीर्णवातापिदानवस्य” में “वातापि” नाम है –
क) देवता
ख) असुर
ग) गन्धर्व
घ) मनुष्य
[answer]✅ सही उत्तर:- ख) असुर
महाभारत में कथा प्राप्त होती है- प्राचीन काल में इल्वल नाम का दानव ब्राह्मण वेष धारणकर भेड़ रूपधारी वातापि नामक असुर के निमन्त्रण पर बहुत से ब्राह्मणों का भक्षण किया । भोजनोपरान्त ‘यह वतापि है’ ऐसा जानकर मायावी इल्वल द्वारा ब्राह्मणों के उदरों को विदीर्ण कर वातापि को बाहर निकाला गया । इस प्रकार ब्राह्मण विनाश देखकर व्यथित देवताओं के प्रार्थना पर ऋषि अगस्त्य ने वातापि को मारा। **पुरा इल्वलो नाम दानवो ब्राह्मणवेषं विधाय मेषरूपविधायिनः स्वकनीयसो वातापिदानवस्य मांसेन निमन्त्रितान्बहुन्ब्राह्मणान्भोजयामास । भोजनाऽनन्तरम् “एहि वातापे” इति मायाविना तेनेल्वलेनाकारितो वातापिर्ब्राह्मणानामुदरं भित्त्वा निश्चक्राम । ततश्च तादृशं ब्राह्मणकदर्थनं दृष्ट्वा दथमानानां देवानां प्रार्थनयाऽगस्त्यो वातापि जरयामास, जघान चेल्वलमिति महाभारतीया कथाऽनुसन्धेया । [/answer]
12. बाणभट्ट के पिता का नाम था –
क).चित्रभानु
ख).त्र्यक्ष
ग).अहिदत्त
घ).विश्वरूप
[answer]✅ सही उत्तर:- क).चित्रभानु
स चित्रभानुं तनयं महात्मनां सुतोत्तमानां श्रुतिशास्त्रशालिनाम् ।
अवाप मध्ये स्फटिकोपलामलं क्रमेण कैलासमिव क्षमाभृताम् ।।
सरस्वतीपाणि…………………………………………………………………..।
……………………………..ततः (चित्रभानोः) सुतो बाण इति व्यजायत॥[/answer]
13. कादम्बरी का उत्तरार्ध लिखा गया है –
क).धर्म
ख).महिदत्त
ग).शुचि
घ)भूषणभट्ट
[answer]✅ सही उत्तर:- घ)भूषणभट्ट
बाणभट्ट के अल्पकाल में देहावसान होने पर उनके पुत्र भूषणभट्ट ने इस कादम्बरी को पूर्ण किया। इन्हें पुलिनभट्ट के नाम से भी जाना जाता है ।[/answer]
14. बाणभट्ट किस राजा के आश्रित थे –
क).चिन्तामणि
ख).भोज
ग).हर्षवर्धन
घ).शान्तनु [answer]✅ सही उत्तर:- ग).हर्षवर्धन[/answer]
15. महाभाष्य में निम्न में से किस आख्यान का उल्लेख नहीं मिलता –
क).कादम्बरी
ख).वासवदत्ता
ग).सुमनोन्तरा
घ).भैमरथी
[answer]✅ सही उत्तर:- क).कादम्बरी
अधिकृत्य कृते ग्रन्थे बहुलं लुग्वक्तव्यः।
वासवदत्ता सुमनोत्तरा न च भवति भैमरथी।[/answer]
16 .बाणभट्ट ने किस गद्यकार का उल्लेख किया है –
क).भट्टारहरिचन्द्र
ख).अम्बिकादत्त व्यास
ग).वररूचि
घ).कुलशेखर
[answer]✅ सही उत्तर:- क).भट्टारहरिचन्द्र
भट्टारहरिचन्द्रस्य गद्यबन्धो नृपायते -हर्षचरिते[/answer]
17. सर्वाधिक प्राचीन गद्य प्राप्त होता है –
क).यजुर्वेद
ख).ब्राह्मण ग्रन्थ
ग).आरण्यक
घ).भाष्य [answer]✅ सही उत्तर:- क).यजुर्वेद[/answer]
18 .संस्कृत साहित्य की कठिनतम रचना कही जा सकती है –
क).कादम्बरी
ख).हर्षचरित
ग).वासवदत्ता
घ).मृच्छकटिक [answer]✅ सही उत्तर:- ग).वासवदत्ता
सरस्वतीदत्तवरप्रसादश्चक्रे सुबन्धुः सुजनैकबन्धुः ।
प्रत्यक्षरश्लेषमयप्रबन्धविन्यासवैदग्ध्यनिधिर्निबन्धम् ॥[/answer]
*19. त्रयीमय त्रिगुणात्मा सृष्ट पदार्थों के जन्म के समय युक्त होता है –
(क) सत्त्वगुण से
(ख) रजोगुण से
(ग) तमोगुण से
(घ) प्रोक्त में से कोई नहीं
[answer]✅ सही उत्तर:- (ख) रजोगुण से
रजोजुषे जन्मनि सत्त्ववृत्तये स्थितौ प्रजानां प्रलये तमःस्पृशे ।
अजाय सर्गस्थितिनाशहेतवे त्रयीमयाय त्रिगुणात्मने नमः ॥ [/answer]
*20. “विषं महाहेरिव यस्य दुर्वचः सुदुःसहं सन्निहितं सदा मुखे” का विमर्श है –
(क) दुर्जन का
(ख) सज्जन का
(ग) शबरसैन्य का
(घ) शबरसेनापति का
[answer]✅ सही उत्तर:- (क) दुर्जन का[/answer]
*21. “करोति रागं हृदि कौतुकाधिकं रसेन शय्यां स्वयमभ्युपागता” का विमर्श है –
(क) कथा
(ख) अभिनवा वधू
(ग) प्रोक्त दोनों
(घ) प्रोक्त में से कोई नहीं
[answer]✅ सही उत्तर:- (ग) प्रोक्त दोनों[/answer]
*22. वात्स्यायनवंशीय कुबेर के गृह में ब्रह्मचारी सशंकित होकर कौन से वेद पढ़ते हैं –
(क) ऋग्वेद, यजुर्वेद
(ख) ऋग्वेद, सामवेद
(ग) यजुर्वेद, सामवेद
(घ) अथर्ववेद, यजुर्वेद
[answer]✅ सही उत्तर:- (ग) यजुर्वेद, सामवेद
जगुर्गृहेऽभ्यस्तसमस्तवाङ्मयैः ससारिकैः पञ्जरत्तिभिः शुकैः ।
निगृह्यमाणा बटवः पदे पदे यजूंषि सामानि च यस्य शङ्किताः॥ [/answer]
*23. ‘कंस इव कुवलयापीडभूषितः’ वाक्य में अलङ्कार है –
(क) उपमा एवं श्लेष
(ख) उपमा एवं विरोध
(ग) विरोध एवं श्लेष
(घ) उपमा एवं उत्प्रेक्षा
[answer]✅ सही उत्तर:- (क) उपमा एवं श्लेष[/answer]
*24. तार्क्ष्य इव विनताऽऽनन्दकरः वाक्य में किसका वर्णन है?
(क) मकरन्द का
(ख) चिन्तामणि का
(ग) श्रृंगारशेखर का
(घ) कन्दर्पकेतु का
[answer]✅ सही उत्तर:- (घ) कन्दर्पकेतु का[/answer]
*25. ‘यस्य च समरभुवि भुजदण्डेन कोदण्डं कोदण्डेन शराः शरैररिशिरः … आश्चर्यमासादितम्’ वाक्य में अलङ्कार है-
(क) श्लेष
(ख) रूपक
(ग) उपमा
(घ) मालादीपक
[answer]✅ सही उत्तर:- (घ) मालादीपक[/answer]
*26. ‘विष्णु इव क्रोडिकृतसुतनुः’ वाक्य में विष्णु के किस अवतार का वर्णन है?
(क) वामन का
(ख) वराह का
(ग) कूर्म का
(घ) कृष्ण का
[answer]✅ सही उत्तर:- (ख) वराह का[/answer]
*27. “वयस्य ! दितिरिव शतमन्युसमाकुला भवत्यस्मादृशजनचित्तवृतिः” इस वाक्य में श्रोता कौन है?
(क) मकरन्द
(ख) चिन्तामणि
(ग) श्रङ्गारशेखर
(घ) कन्दर्पकेतु
[answer]✅ सही उत्तर:- (क) मकरन्द
कन्दर्पकेतुः परिमिताक्षरमुवाच –
“वयस्य ! दितिरिव शतमन्युसमाकुला भवत्यस्मादृशजनचित्तवृतिः”[/answer]
*28. “विनतोदराद् सुपर्ण इव” का उपमेय है –
(क) भत्सु
(ख) कुबेर
(ग) अर्थपति
(घ) प्रोक्त सभी
[answer]✅ सही उत्तर:- (ग) अर्थपति
हिरण्यगर्भो भुवनाण्डकादिव, क्षपाकरः क्षीरमहार्णवादिव ।
अभूत् सुपर्णो विनतोदरादिव द्विजन्मनाम् अर्थपतिः पतिस्ततः।। [/answer]
*29. “स्फटिकोपलोमम्” प्रयुक्त है –
(क) चित्रभानु के लिये
(ख) अर्थपति के लिये
(ग) वात्स्यायन के लिये
(घ) प्रोक्त सभी
[answer]✅ सही उत्तर:- (क) चित्रभानु के लिये
स चित्रभानुं तनयं महात्मनां सुतोत्तमानां श्रुतिशास्त्रशालिनाम् ।
अवाप मध्ये स्फटिकोपलामलं क्रमेण कैलासमिव क्षमाभृताम् ॥ [/answer]
*30. “विमानीकृतराजहंसमण्डलः” है –
(क) ब्रह्मा
(ख) शूद्रक
(ग) उपर्युक्त दोनों
(घ) प्रोक्त में से कोई नहीं
[answer]✅ सही उत्तर:- (ग) उपर्युक्त दोनों
विगतेति । विगतो मानो दर्पो यस्य तद्विमान तथा कृत राजंहसानां श्रेष्ठनृपाणां मण्डल वृन्द येन स तथा । क इव । कमलयोनिरिव विधातेव । एतत्पक्षे विमान देवयान तत्स्वरूपीकृत राजहसानांं पक्षिविशेषाणां मण्डल येन स तथा । हंसाधिरूढत्वादिति भाव. । [/answer]
*31. “जगुः” पद में धातु है –
(क) गम्
(ख) जग्
(ग) गै
(घ) प्रोक्त सभी
[answer]✅ सही उत्तर:- (ग) गै
जगुर्गृहेऽभ्यस्तसमस्तवाङ्मयैः ससारिकैः पञ्जरत्तिभिः शुकैः ।
निगृह्यमाणा बटवः पदे पदे यजूंषि सामानि च यस्य शङ्किताः॥
जगुः – गै शब्दे + लिट् लकार (झि=उस्) [/answer]
*32. ‘हर इव महासेनानुगतो निवर्तितमारश्च’ वाक्य में उपमेय के सन्दर्भ में ‘महासेन’ पद से क्या अभिप्राय है
(क) महान् सेना
(ख) गणेश
(ग) कार्तिकेय
(घ) नारद
[answer]✅ सही उत्तर:- (क) महान् सेना[/answer]
*33. ‘यस्य च रिपुवर्गः सदा पार्थोऽपि न महाभारतरणयोग्यः’ वाक्य किससे सम्बद्ध है?
(क) मकरन्द से
(ख) चिन्तामणि से
(ग) मङ्गारशेखर से
(घ) कन्दर्पकेतु से
[answer]✅ सही उत्तर:- (ख) चिन्तामणि से[/answer]
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